नीट (यूजी) री-एग्ज़ाम में रविवार को
जयपुर के एक परीक्षा केंद्र में 22 साल की छात्रा 'अंडरगारमेंट' में
मोबाइल छिपाकर परीक्षा हॉल में पहुंच गई.
डीसीपी जयपुर पश्चिम प्रसाद किरण
ने बताया है कि छात्रा पेपर की तस्वीर खींचकर चैट जीपीटी से पेपर सॉल्व करना
चाहती थी.
पुलिस ने सोमवार को छात्रा को कोर्ट
के आदेश पर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है.
पुलिस सुरक्षा और परीक्षा केंद्रों
पर थ्री लेयर चेकिंग होने का दावा किया गया. लेकिन, जयपुर के बिंदायका इलाक़े में छात्रा के मोबाइल फ़ोन परीक्षा हॉल में
ले जाने के बाद परीक्षा केंद्रों पर हुई जांच पर सवाल खड़े हो गए हैं.
इतनी जांच होने के बावजूद छात्रा
मोबाइल फ़ोन परीक्षा हॉल में कैसे लेकर पहुंच गई?
बीबीसी के इस सवाल पर बिंदायका पुलिस थाना प्रभारी विनोद कुमार बीबीसी
से कहते हैं कि, "छात्रा अंडरगारमेंट में छिपाकर
मोबाइल ले गई थी."
क्या मेटल डिटेक्टर अंडरगारमेंट में
छिपा मोबाइल नहीं पकड़ सका? बीबीसी के इस सवाल पर थाना प्रभारी
कहते हैं, "मेटल डिटेक्टर से चेकिंग के दौरान
बीप की आवाज़ आई थी, पूछने पर छात्रा ने कपड़ों में बटन
होना बताया."
डीसीपी जयपुर पश्चिम प्रसाद किरण ने बताया,
"परीक्षा हॉल में ड्यूटी कर रहीं निरीक्षक द्वारा उक्त अभ्यर्थी हिमांशी तिवारी को मोबाइल का उपयोग प्रश्न पत्र हल
करने का प्रयास करते हुए पकड़ा."
डीसीपी के मुताबिक़, पकड़ी गई छात्रा के ख़िलाफ़ परीक्षा केंद्र
सुप्रीटेंडेंट ने एफ़आईआर दर्ज कराई है. छात्रा के ख़िलाफ़ लोक
परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के तहत शिकायत दर्ज की गई है.
पुलिस के मुताबिक़, छात्रा ने पूछताछ में बताया कि मोबाइल फ़ोन से
पेपर की फ़ोटो खींच कर चैट जीपीटी के ज़रिए आंसर जानने थे लेकिन, परीक्षा केंद्र में जैमर लगे होने के कारण
इंटरनेट का उपयोग नहीं किया जा सका.