पेरिस हमलों का 'मास्टरमाइंड' अबाउद मारा गया

प्रकाशित

पेरिस हमलों का संदिग्ध मास्टमाइंड 27 वर्षीय अब्देलहमीद अबाउद मारा गया है.

पेरिस में प्रॉसीक्यूशन अधिकारियों ने कहा कि बुधवार को उत्तरी पेरिस में हुई पुलिस कार्रवाई में अबाउद मारा गया और उसकी लाश की पहचान कर ली गई है.

अधिकारियों के मुताबिक उसकी लाश गोलियों से छलनी थी.

पेरिस हमलों में 129 लोगों की मौत हो गई और 350 घायल हुए थे.

अबाउद
इमेज कैप्शन, अबाउद बुधवार को हुई पुलिस कार्रवाई में मारा गया

इस्लामिक स्टेट के कब्ज़े वाले इलाक़े से चलाए जाने वाले फ़्रांसीसी भाषा के एक ट्विटर अकाउंट ने अब्देलहमीद की मौत की बात कबूल की है. इस अकाउंट से आईएस अपने प्रॉपेगैंडा की सामग्री ट्विटर पर डालता है.

फ़्रांस की पुलिस का मानना है कि मोरोक्को मूल का बेल्जियन नागरिक अब्देलहमीद अबाउद कट्टरपंथी चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) का सदस्य था.

अबाउद का पालनपोषण ब्रसेल्स के एक ज़िले मोलिनबीक में हुआ, जहां काफी संख्या में अरब आप्रवासी रहते हैं. वहां बेरोज़गारी और आवास की गंभीर समस्या है.

पुलिस के अनुसार अबाउद उस सलाह अब्देसलाम का साथी था जो फ़रार है और जिसके भाई ब्राहिम ने पेरिस में हुए एक हमले में खुद को उड़ा लिया था.

ब्राहिम के इस आत्मघाती हमले में कोई मारा नहीं गया था जबकि छह अन्य चरमपंथियों ने अन्य जगहों पर आत्मघाती हमले किए थे.

अबौद
इमेज कैप्शन, आईएस की पत्रिका दाबिक के फरवरी संस्करण में अबाउद की तस्वीर

अबाउद और अब्देसलाम दोनों को ही बेल्जियम में 2010 में एक सशस्त्र डकैती के आरोप में जेल की सज़ा हुई थी.

2013 की शुरुआत में अबाउद उर्फ अबु उमर अल बल्जिकी आईएस में शामिल हुआ था.

ये स्पष्ट नहीं है कि वह चरमपंथी कब बना. लेकिन असोसिएटेड प्रेस के अनुसार वो बेल्जियम के सबसे अच्छे स्कूलों में से एक सेंट पीयर द-अक्कल का छात्र था.

पेरिस में हुए हमलों में 129 लोग मारे गए और 350 घायल हुए
इमेज कैप्शन, पेरिस में हुए हमलों में 129 लोग मारे गए और 350 घायल हुए

अबाउद एक जिहादी मेहदी नेमोछ के संपर्क में रहा था. मेहदी फ्रांस-अल्जीरिया मूल का जिहादी था, जिसने मई 2014 में ब्रसेल्स के एक यहूदी संग्रहालय में चार लोगों को गोली मार दी थी.

मेहदी कुछ समय के लिए मोलिनबीक में भी रहा, जहां बेल्जियन अधिकारियों के मुताबिक, कुछ युवा मुसलमान अतिवादी सलाफी विचारधारा के समर्थक हैं.

नीदरलैंड्स के लीयडन विश्वविद्यालय के लीसबेथ वेन डर हेडी के अनुसार, "हाल के वर्षों में पूरे यूरोप में मोलिनबीक वो जगह है जहाँ विदेशी आतंकवादी लड़ाकों की संख्या सबसे अधिक है."

बेल्जियन अधिकारियों को शक है कि अबाउद ने पूर्वी बेल्जियम के वेर्वियर्स में एक चरमपंथी सेल को गठित करने में मदद की थी जिस पर जनवरी में पुलिस ने छापा मार कर उसे तितरबितर किया.

इस पुलिस कार्रवाई में दो चरमपंथी मारे गए थे. आईएस की अंग्रेज़ी पत्रिका दाबिक़ के फरवरी अंक में छपे एक इंटरव्यू में अबाउद ने वेर्वियर्स की घटना का ज़िक्र किया था.

2014 के आईएस के एक प्रोपेगेंडा वीडियो में अबाउद को एक वाहन में बैठे दिखाया गया है जो क्षतविक्षत शवों को घसीटते हुए ले जा रहा है.

उस वीडियो में वो ये कहता हुआ दिखा कि वह ख़ुफ़िया तरीके से दो लोगों के साथ बेल्जियम लौटा और 'उन्होंने एक सुरक्षित जगह का इंतज़ाम किया जबकि हम क्रूसेडर्स के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की योजना बनाने लगे.'

इस इंटरव्यू में उसने कहा था, "ख़ुफ़िया एजेंसियों को मेरे बारे में पहले से पता था क्योंकि उन्होंने मुझे पहले जेल भेजा था, लेकिन मैं फिर भी भाग निकला था. मुझे एक अफ़सर ने रोका भी, मेरे चेहरे तो तस्वीर से मिलाने की कोशिश की लेकिन पहचान नहीं कर पाया. ये तो अल्लाह की ओर से तोहफ़ा ही था."

अबाउद का संबंध टेलीस ट्रेन पर हुए चरमपंथी हमले से भी माना जा रहा है. इस हमले को यात्रियों ने नाकाम कर हमलावर अयूब अल खज़ानी को पकड़ लिया था.

अबाउद जिहाद के प्रति इतना समर्पित है कि उसने अपने 13 वर्षीय भाई को भी सीरिया में उसका साथ देने के लिए राज़ी कर लिया.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां<link type="page"><caption> क्लिक </caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link>करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर </caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link>पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>