ईरान पर ओबामा और विपक्ष गुत्थम गुत्था

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ईरान और छह बड़ी ताक़तों के बीच ईरानी परमाणु कार्यक्रम पर हुए समझौते की अमरीका के कई हल्कों में कड़ी आलोचना हो रही है.

इस समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के उपाय शामिल हैं जिनके बदले ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी.

अमरीकी संसद कांग्रेस के सामने इस डील पर विचार करने के लिए अब 60 दिन का समय है.

हालांकि अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि अगर कांग्रेस ने ईरानी परमाणु समझौते को रोकने की कोशिश की तो वो इस पर अपना वीटो अधिकार इस्तेमाल करेंगे.

आमने-सामने

राष्ट्रपति ओबामा की डेमोक्रेटिक पार्टी के ज़्यादातर सांसद समझौते के समर्थन में है लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के अधिकतर सांसद इसका विरोध कर रहे हैं.

अहम बात ये है कि इस समय अमरीकी कांग्रेस के दोनों सदनों में विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है, इसलिए डील के लिए मंज़ूरी की राह मुश्किल लगती है.

ओबामा
इमेज कैप्शन, राष्ट्रपति ओबामा ईरानी डील को लेकर विपक्ष के निशाने पर हैं

प्रतिनिधि सभा के स्पीकर जॉन बोनर ने कहा है कि ये समझौता ईरान को और मज़बूत करेगा.

उनके मुताबिक, "मध्य पूर्व में परमाणु हथियारों के फैलाव को रोकने की बजाय ये समझौता दुनिया में परमाणु हथियारों की होड़ को बढ़ाएगा."

उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत प्रतिबंध हटने से ईरान को अरबों डॉलर मिल जाएंगे और उसके लिए परमाणु हथियार बनने का रास्ता साफ़ होगा.

हालांकि राष्ट्रपति ओबामा ने कहा है कि इस समझौते के बाद ईरान के लिए 'परमाणु हथियार हासिल करने के सभी रास्ते बंद हो गए हैं'.

ओबामा ने समझौता होने के बाद ही ईरान को ये चेतावनी भी दी कि अगर उसने इसका उल्लंघन किया तो उसके ख़िलाफ़ प्रतिबंध फिर से लगा दिए जाएंगे.

'राजनयिक नाकामी'

समझौता हो जाने के बाद ईरान में दिखा जश्न का माहौल
इमेज कैप्शन, समझौता हो जाने के बाद ईरान में दिखा जश्न का माहौल

वहीं रिपब्लिकन सीनेटर और राष्ट्रपति पद की रेस में शामिल लिंडसे ग्राहम ने इस समझौते को 'भयानक' बताया है जिससे उनके मुताबिक मामला और गंभीर होगा.

रिपब्लिकन पार्टी की तरफ़ से ही राष्ट्रपति पद के एक अन्य दावेदार स्कॉट वॉकर ने समझौते को 'राजनयिक नाकामी' बताया है.

इसराइली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतान्याहू पहले ही इस समझौते को 'ऐतिहासिक ग़लती' कह चुके हैं.

बेन्यामिन नेतान्याहू
इमेज कैप्शन, इसराइली प्रधानमंत्री ईरान के साथ समझौते का विरोध करते रहे हैं

नेतान्याहू को भी यही आशंका है कि प्रतिबंध हटने से ईरान को 'जो सैकड़ों अरब डॉलर की राशि मिलेगी, उसे वो अपनी आक्रामकता और विस्तार के लिए इस्तेमाल करेगा.'

समझौते में ईरान के सैन्य प्रतिष्ठानों की निगरानी भी शामिल है ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि वो परमाणु हथियार नहीं बना रहा है.

वैसे ईरान हमेशा से इन आरोपों को ख़ारिज करता रहा है कि वो परमाणु हथियार बना रहा है.

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