काठमांडू एयरपोर्ट के रनवे में क्रैक, बड़े विमान बैन

नेपाल एयरपोर्ट का रनवे
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नेपाल में भूकंप के बाद राहत कार्यों में बड़ी बाधा पैदा हो गई है.

नेपाल की राजधानी काठमांडू में एयरपोर्ट के रनवे में क्रैक आने के बाद सरकार ने राहत सामग्री ला रहे बड़े विमानों के उतरने पर बैन लगा दिया है.

हालाँकि छोटे विमान एयरपोर्ट पर उतर सकते हैं. अधिकारियों ने पत्रकारों को बताया है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो एयरपोर्ट को बंद करना पड़ सकता है.

नेपाल में पिछले हफ़्ते आए भूकंप में 7000 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. सैकड़ों की संख्या में राहतकर्मी भूकंप पीड़ितों की मदद कर रहे हैं.

हर तरफ तबाही

नेपाल में भूकंप से तबाही

बचाव दल से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि भूकंप का केंद्र रहे इलाके में नब्बे फ़ीसदी इमारतें तबाह हो गई हैं.

नेपाल के सिंधुपलचोक ज़िले में गांव और कस्बे मलबे में तब्दील हो चुके हैं. बचाव टीमों का कहना है कि उन्हें मलबे से किसी के ज़िंदा बच निकलने की उम्मीद नहीं है.

अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है.

संयुक्त राष्ट्र ने शनिवार को नेपाल से कस्टम पाबंदियों में ढील देने को कहा था. कस्टम नियमों की वजह से हज़ारों प्रभावित लोगों तक टेंट, खाना और दवाएं नहीं पहुंच पा रही हैं.

मददगार भारत

भक्तपुर में लंगर

उधर, भारत की ओर से नेपाल के भूकंप पीड़ितों की मदद का सिलसिला जारी है.

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने ट्वीट किया, "27 अप्रैल से अब तक काठमांडू- सनौली- गोरखपुर के रास्ते लगभग 21 हज़ार लोगों को भारत लाया गया है."

उन्होंने बताया कि गोरखपुर के रास्ते राहत सामग्री से भरे 233 से ज़्यादा ट्रक नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों में भेजे गए हैं.

स्वरुप ने एक अन्य ट्विट के ज़रिए भारत की मदद से भूकंप पीड़ितों को इलाज़ मुहैया कराने के लिए ट्रॉमा सेंटर बनाने और भक्तपुर में पीड़ितों के लिए लंगर लगाए जाने की जानकारी भी दी.

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