जन्मदिन के बैलून को समझा आईएस का प्रचार

स्वीडन में जन्मदिन की बैलून
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स्वीडन की पुलिस ने चरमपंथी संगठन आईएस का प्रचार समझ कर 21वें जन्मदिन के बैलून को हटाने को कहा.

दरअसल सराह एरिक्सन के 21वें जन्मदिन के मौके पर उनकी खिड़की में 2 और 1 अंक के आकार का बैलून लगा हुआ था. 21 को यदि उल्टा पढ़ा जाए तो ये अंग्रेजी में लिखे आईएस यानि "IS" जैसा दिखता है.

'आईएस' इस्लामिक स्टेट के लिए लिखा जाने वाला संक्षिप्त शब्द है.

पुलिस जब सराह एरिक्सन के घर के पास से गुजरी तो उन्होंने ये समझा कि यह बैलून चरमपंथी समूह के किसी समर्थक ने लगाया है.

हालांकि बाद में पुलिस को अपनी गलती का अहसास हुआ. फिर बैलून से आगे और गलतफहमी पैदा ना हो इसके लिए एहतियातन बैलून को हटाने का आदेश दिया गया.

इस्लामिक स्टेट का झंडा

एरिक्सन के मित्र फैबियन एकेसन ने स्वीडन की मीडिया को जानकारी दी कि तीन पुलिस अधिकारी घर आए और उन्हें तस्वीर दिखाई कि घर के बाहर से बैलून कैसा दिख रहा है.

एरिक्सन तब घर पर नहीं थी. उन्होंने बाद में एक स्थानीय वेबसाइट को बताया, "चरमपंथियों से जुड़ी हर बात को हमेशा गंभीरता से लेना चाहिए. इसलिए हमने वो बैलून फौरन हटा लिया."

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