'इस्लाम और घिनौने काम में समझे फ़र्क़'

पेरिस संदिग्ध
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फ्रांस की राजधानी पेरिस के एक सुपरमार्केट में लोगों को बंधक बनाने वाले बंदूकधारी के परिजनों ने देश में हुए चरमपंथी हमलों की निंदा की है.

फ्रांस की समाचार एजेंसी को जारी किए गए एक बयान में अमिदी कॉलिबली की मां और बहनों ने मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना जाहिर की है.

कॉलिबली शुक्रवार को पुलिस की कार्रवाई में मारे गए थे.

उनकी मां और बहनों ने कहा है कि वे इस्लाम के प्रति कट्टरपंथी सोच रखने वालों से इत्तिफाक नहीं रखतीं.

फ़र्क़

वे उम्मीद करती हैं कि लोग इस्लाम धर्म और इस हमले, जिन्हें वे 'घिनौना काम' बताती हैं, के बीच के फ़र्क़ को समझेंगे.

पेरिस पुलिस
इमेज कैप्शन, अमिदी कॉलिबली पुलिस की कार्रवाई में मारे गए.

कॉलिबली ने पूर्वी पेरिस के एक <link type="page"><caption> यहूदी सुपरमार्केट</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2015/01/150110_france_police_hunt_accomplices_tk" platform="highweb"/></link> में कई लोगों को बंधक बनाकर रखा और चार बंधकों की हत्या भी कर दी.

स्टोर में काम करने वाले माली के एक युवक ने सात लोगों को कोल्ड स्टोरेज में छिपाकर उनकी जान बचाई.

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