पुलवामा CRPF हमला: पाकिस्तानी उर्दू अख़बार पुलवामा हमले के लिए किसे ठहरा रहे ज़िम्मेदार

पुलवामा हमले के विरोध में हुए प्रदर्शन
    • Author, इक़बाल अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • प्रकाशित

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते भारत-प्रशासित कश्मीर के पुलवामा में चरमपंथी हमला और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस की प्रस्तावित पाकिस्तान यात्रा से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में रहीं.

सबसे पहले बात पुलवामा में हुए हमले की.

भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा ज़िले में हुए चरमपंथी हमले में भारतीय अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ़ के कम से कम 40 जवान मारे गए हैं. सीआरपीएफ़ का क़ाफ़िला जम्मू से श्रीनगर जा रहा था जब उन पर हमला हुआ.

पाकिस्तान की धरती से सक्रिय चरमपंथी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की ज़िम्मेदारी क़ुबूल करते हुए कहा है कि पुलवामा के ही निवासी 20 वर्षीय आदिल अहमद डार ने ये आत्मघाती हमला किया था.

ये ख़बर पाकिस्तान के सारे उर्दू अख़बारों में पहले पन्ने पर है. सारे अख़बारों में एक बात बिल्कुल साफ़ है कि भारत ने इस हमले के लिए बिना कारण पाकिस्तान पर आरोप लगाया है.

अख़बार दुनिया ने सुर्ख़ी लगाई है, "भारत बेबुनियाद इलज़ामतराशी बंद करे."

अख़बार लिखता है कि पाकिस्तान ने भारत के डिप्टी उच्चायुक्त को विदेश मंत्रालय के दफ़्तर बुलाकर कहा कि भारत पाकिस्तान पर बेबुनियाद इलज़ाम लगाना बंद करे. अख़बार के अनुसार पाकिस्तान का साफ़ कहना है कि जैश-ए-मोहम्मद एक प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन है और पाकिस्तान का उससे कोई लेना देना नहीं है.

पाकिस्तान ने ये भी कहा है कि कथित आत्मघाती हमलावर का संबंध पाकिस्तान से नहीं है बल्कि वो भारत प्रशासित कश्मीर का निवासी था.

पुलवामा हमले के विरोध में हुए प्रदर्शन

चुनाव जीतने के लिए पाकिस्तान पर चर्चा

अख़बार नवा-ए-वक़्त ने लिखा है कि पुलवामा हमले से मोदी ने बेजान चुनावी मुहिम में रंग भरने का मौक़ा ढूंढ लिया.

अख़बार लिखता है कि राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में हारने के बाद बीजेपी को आम चुनाव में भी हार सामने नज़र आ रही थी. ऐसे में सर्जिकल स्ट्राइक की गीदड़ भभकियों से बात न बनी तो पुलवामा में चरमपंथियों की कार्रवाई का इलज़ाम पाकिस्तान पर लगा दिया गया. मतलब साफ़ है कि मोदी को किसी भी हालत में चुनाव जीतना है.

अख़बार के अनुसार राजनीतिक विश्लेषक इस बात पर सहमत हैं कि ये भारत का पुराना हथकंडा है कि जब भी चुनाव क़रीब हों या किसी बड़े व्यक्ति की पाकिस्तान यात्रा हो तोपों का रुख़ पाकिस्तान की ओर मोड़ने का कोई न कोई बहाना तलाश लिया जाता है. लेकिन शायद भारत की जनता इसबार इस जाल में न फंसे.

आदिल अहमद डार
इमेज कैप्शन, आदिल अहमद डार

कहानी आदिल अहमद डार की

अख़बार जंग ने ये भी लिखा है कि आदिल अहमद डार कैसे चरमपंथी बना.

अख़बार ने आदिल के माता-पिता के हवाले से लिखा है कि 2016 में एक दिन जब आदिल अपने स्कूल के साथियों के साथ घर लौट रहा था तो भारतीय सेना ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ ज़्यादती की.

अख़बार ने आदिल के माता-पिता के हवाले से लिखा है सेना ने आदिल को मुर्ग़ा बनाया और उसकी नाक रगड़वाई.

माता-पिता के अनुसार मार्च 2018 में आदिल घर से ग़ायब हो गया और जब तीन महीने तक उसका कोई सुराग़ नहीं मिला तो उन्होंने समझ लिया था कि अब आदिल घर नहीं आएगा, उसकी मौत की ख़बर ही आएगी.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी
इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी

'पाक में अच्छा होता है तो भारत आरोप लगाता है'

जंग अख़बार ने इस पर संपादकीय लिखा है. संपादकीय के अनुसार भारत में चुनाव जीतने के लिए पाकिस्तान और इस्लाम की दुश्मनी एक अहम और कारगर हथकंडा है जिसे हर कोई अपनाता है, ख़ासकर बीजेपी.

ये बात भी किसी से छिपी हुई नहीं है कि जब भी पाकिस्तान के पक्ष में कुछ अच्छा होने वाला हो या भारत और पाकिस्तान के संबंध बेहतर होने की कोई उम्मीद बंधे तो कोई न कोई ऐसा वाकया हो जाता है जिसे बहाना बनाकर भारत सरकार पाकिस्तान पर इसका आरोप मढ़ने लगती है.

सीपेक, आईएमएफ़ से संभावित समझौता और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की पाकिस्तान यात्रा ऐसे मामले हैं जो भारत के लिए बर्दाश्त करना संभव नहीं है क्योंकि इससे न केवल पाकिस्तान आर्थिक रूप से स्थिर होगा बल्कि उसकी सुरक्षा भी मज़बूत होगी.

अख़बार का कहना है कि पुलवामा का आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार एक स्थानीय कश्मीरी युवक है. उसने अपना एक वीडियो बयान भी रिकॉर्ड कर रखा था जिसमें उसने हमले की योजना की सारी जानकारी दी है, इसके बाद पाकिस्तान से इसके तार जोड़ना किसी भी तरह सही नहीं है. भारत अपनी हर नाकामी के लिए पाकिस्तान को ज़िम्मेदार ठहरा देता है.

सऊदी क्राउन प्रिंस का पाकिस्तान दौरा

सऊदी क्राउन प्रिंस का पाकिस्तान दौरा

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (एमबीएस) की प्रस्तावित पाकिस्तान यात्रा की ख़बर सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियों में रही.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार एमबीएस दो दिनों की पाकिस्तान यात्रा पर रविवार को इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं. हवाई अड्डे पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान उनका स्वागत करेंगे और फिर दोनों एक साथ प्रधानमंत्री निवास आएंगे.

रविवार को ही दोनों देशों के दरमियान कई समझौते होने वाले हैं. इमरान ख़ान अपने मेहमान के सम्मान में रात्रि भोज भी देंगे. सोमवार को सऊदी प्रिंस राष्ट्रपति से मिलेंगे और फिर वहीं से वो हवाई अड्डे चले जाएंगे.

नेता प्रतिपक्ष शहबाज़ शरीफ़ ने कहा है कि सऊदी अरब सबसे विश्वसनीय मित्र और मुश्किल घड़ी में काम आने वाला बड़ा भाई है.

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