लंदन पर चरमपंथी हमले की साजिश रचने वाली लड़की

चरमपंथी
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वो कथित इस्लामिक स्टेट के एक चरमपंथी के प्यार में पड़ी और यहीं से शुरू हो गया उसका प्लान.

लंदन की 18 साल की सफ़ा बुलर ब्रिटेन में दोषी ठहराई गईं सबसे युवा महिला हैं.

कोर्ट ने सफ़ा को लंदन के ब्रिटिश म्यूज़ियम पर चरमपंथी हमले की साजिश रचने का दोषी ठहराया है. ब्रिटिश म्यूज़ियम में रोज़ाना बहुत से पर्यटक आते हैं, ऐसे में वहां हमला होने पर जान-माल का भारी नुक़सान हो सकता था.

सफ़ा बुलर कथित इस्लामिक स्टेट की पहली महिला सेल की सदस्य हैं.

उन्हें दो तरह के जुर्म के लिए दोषी ठहराया गया है. पहला चरमपंथी हमले की साज़िश रचने और दूसरे सीरिया जाने की कोशिश करते पकड़े जाने के लिए.

बुलर जब 16 साल की थी तो उन्होंने सीरिया जाने की कोशिश की थी. उनपर आरोप था कि वो कथित इस्लामिक स्टेट में भर्ती होने के लिए सीरिया जा रही थीं.

चरमपंथी
इमेज कैप्शन, बुलर ने जज से कहा कि हिरासत के दौरान उन्होंने अपने धर्म को छोड़ दिया और अब वो वेस्टर्न कपड़े पहनती हैं.

बाद में जब सफ़ा के चरमपंथी मंगेतर की मौत हो गई तो उन्होंने लंदन में हमला करने का प्लान बनाया.

कोर्ट में सुनवाई के दौरान सफ़ा ने इन सारे आरोपों से इनकार किया है.

सोशल मीडिया और कट्टरता

सिर्फ़ 16 साल की सफ़ा ने कैसे चरमपंथ का रास्ते पकड़ लिया? सफ़ा ने ये राह सोशल मीडिया के ज़रिए पकड़ी.

इस सब की शुरुआत 2015 में पेरिस हमलों के बिल्कुल बाद हुई. उस वक्त सफ़ा 16 साल की थीं.

तब सफ़ा इंस्टाग्राम के ज़रिए एक आईएस लड़ाके नवीद हुसैन के संपर्क में आई. नवीद, सफ़ा से लगभग दोगुनी उम्र के थे.

कई महीनों तक बातों का सिलसिला चलता रहा और एक दिन सफ़ा ने इंटरनेट के ज़रिए ही नवीद से अपने प्यार का इज़हार कर दिया.

मैसेजिंग एप के ज़रिए दोनों ने शादी भी कर ली.

कोर्ट को मिले सबूतों के मुताबिक हुसैन से मिलने के लिए सफ़ा सीरिया जाना चाहती थी, लेकिन ब्रिटिश सिक्योरिटी सर्विस के अधिकारियों ने सफ़ा को एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिया. उनका पासपोर्ट और फोन भी जब्त कर लिया गया.

बाद में सफ़ा को छोड़ दिया गया. लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने सफ़ा पर कड़ी नज़र रखी.

पुलिस के सामने सफ़ा ने कबूला था कि वो नवीद से बात करती हैं और मिलने के लिए सीरिया जा रही थीं. लेकिन सफा ने पुलिस से शादी की बात छिपाई.

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निगरानी

इसके बाद एम-15 के अंडरकवर एजेंट्स ने हुसैन पर नज़र रखना शुरू किया. वो उसके बारे में और जानकारी जुटाना चाहते थे.

अंडरकवर एजेंट्स ने ऑनलाइन आईडी बनाई और खुद को ब्रिटिश चरमपंथियों के तौर पर पेश किया.

उन्होंने हुसैन से संपर्क किया और कहा कि वो ब्रिटेन में हमला करना चाहते हैं.

अंडरकवर एजेंट्स ये पता करना चाहते थे कि हुसैन के साथ ब्रिटेन में और कौन-कौन जुड़ा है.

हुसैन ने एजेंट्स को सलाह दी कि वो लंदन के ओ2 एरीना और ब्रिटिश म्यूज़ियम को निशाना बना सकते हैं.

हुसैन ने उनसे कहा कि उनके पास ऐसे कुछ और लोग हैं जो ब्रिटेन में रहते हैं और हमला करने में मदद कर सकते हैं.

हुसैन ने उनको सफ़ा के बारे में बताया और कहा कि वो ब्रिटेन में हमला करेगी.

अनजाने में हुसैन ने अंडरकवर एजेंट्स को ये बता दिया था कि वो ब्रिटिश म्यूज़ियम को निशाना बनाने वाले हैं.

सफ़ा ने कोर्ट के सामने माना था कि वो हुसैन के प्लान का हिस्सा थीं.

चरमपंथी

कुछ दिन बाद हुसैन एक ड्रोन हमले में मारे गए.

अंडरकवर एजेंट्स ने सफ़ा को चरमपंथी हमले की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.

सफ़ा तो गिरफ्तार हो गई, लेकिन उसने अपनी मां और बहन को अपना मिशन को पूरा करने को कहा.

मां और बहन भी शामिल

इसके बाद सफ़ा की मां और बहन भी हमले की साजिश में शामिल हो गई.

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इसके बाद सफ़ा की मां और बहन ने हमले वाले इलाके की रेकी की. उन्होंने चाकू भी खरीदे.

एक दिन बाद ही दोनों को गिरफ़्तार कर लिया गया. पुलिस के मुताबिक वो उसी दिन चरमपंथी हमला करने वाली थीं.

कोर्ट में सुनवाई के दौरान सफ़ा की बहन ने माना कि वो चाकू से हमले की तैयारी में थीं और इसमें उसकी मां ने मदद की.

मां और बहन की सज़ा का ऐलान 15 जून को होगा. वहीं सफा की सज़ा करीब छह हफ्तों में तय की जाएगी.

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