अफ़ग़ानिस्तान-पाक में भूकंप से 70 मरे

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अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान में सोमवार दोपहर आए बड़े भूकंप में कम से कम 70 लोग मारे गए हैं. अनेक लोग घायल हुए हैं और हताहतों की संख्या बढ़ सकती है.

भूकंप के झटके पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के अलावा उत्तर भारत के कई शहरों में भी महसूस किए गए.

अब तक मिली ख़बरों के अनुसार सबसे ज़्यादा नुकसान पाकिस्तान की स्वात घाटी और पेशावर के इलाके में हुआ है. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान में कम से 51 लोगों की मौत हुई है.

अफ़ग़ानिस्तान में एक स्कूली इमारत में भकूंप के बाद भगदड़ मचने से कम से कम 12 स्कूली छात्राओं की मौत हो गई है. कुछ छात्राओं की स्थिति गंभीर बताई जा रही है.

अफ़ग़ानिस्तान में करीब 120 लोगों के घायल होने की भी ख़बर है.

अमरीकी भूगर्भ विज्ञान केंद्र (यूएसजीस) के मुताबिक रिक्टर पर भूकंप की तीव्रता 7.5 थी.

इसका केंद्र काबुल से 256 किलोमीटर उत्तर पूर्व में हिंदूकुश की पहाड़ियों में स्थित था.

ग्रेट ब्रिटेन ओपन यूनिवर्सिट के प्रोफेसर डेविड रोथेरी के मुताबिक भूकंप की तीव्रता को देखते हुए काफी नुकसान होने की संभावना है.

डेविड रोथेरी ने कहा, "अच्छा ये रहा है कि भूकंप ज़मीन से 200 किलोमीटर नीचे हुआ, अगर ये ऊपर होता तो इससे काफ़ी ज़्यादा नुकसान होता."

हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

दिल्ली
इमेज कैप्शन, झटके दिल्ली तक महसूस हुए और लोग इमारतों से बाहर निकल आए

काबुल के कई स्थानीय लोगों के मुताबिक उन्होंने इससे पहले इतना भयंकर भूकंप नहीं देखा था.

पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में भूकंप के बाद मोबाइल सेवाएँ बड़े पैमाने पर बाधित हुई हैं.

भूकंप के झटके भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उसके आसपास के राज्यों में महसूस हुए.

इस्लामाबाद
इमेज कैप्शन, इस्लामाबाद में दफ़्तरों से बाहर निकले लोग

दिल्ली समेत भारत और पाकिस्तान के कई शहरों में लोग इमारतों से बाहर भागे और सड़कों और आसपास खुली जगहों पर नज़र आए.

सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही तस्वीरों में इस्लामाबाद, काबुल और श्रीनगर की कई इमारतों में आई दरारें देखी जा सकती हैं.

श्रीनर की कुर्तुलैन ने बीबीसी हिंदी से बताया, "पहला झटका आया था, तब उपर कमरे में बैठे थे. हमें लगा कि धीमा झटका है. लेकिन बाद में हम भागे बाहर तो देखा लोग रो रहे थे. हमें लगा कि ज़िंदगी का अंतिम दिन है. ऐसा झटका मैंने कभी नहीं देखा था."

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