बिहार चुनाव में पांच सबसे बड़ी चुनौतियां

अजय नायक
इमेज कैप्शन, बिहार के मुख्य चुनाव अधिकारी अजय नायक.
    • Author, मनीष शांडिल्य
    • पदनाम, पटना से, बीबीसी हिन्दी डॉट कॉम के लिए
  • प्रकाशित

बिहार विधानसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा हो चुकी है.

बुधवार से <link type="page"><caption> पहले चरण</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/india/2015/09/150909_bihar_elections_ia" platform="highweb"/></link> के चुनाव के लिए नामांकन भी शुरू हो गया है. बिहार में 12 अक्तूबर से 5 नवंबर के बीच पांच चरणों में मतदान होगा.

बिहार के मुख्य चुनाव आधिकारी अजय नायक ने बीबीसी से ख़ास बातचीत की.

पढ़िए अजय नायक के मुताबिक चुनाव आयोग के सामने चुनाव प्रक्रिया से लेकर मतदान तक की पांच बड़ी चुनौतियाँ क्या हैं.

सांप्रदायिक तनाव

फ़ाइल फोटो

मतदान त्यौहारों के मौसम के बीच होगा. दुर्गापूजा और मोहर्रम जैसे पर्व लगभग साथ-साथ हैं.

ऐसे में चुनाव आयोग के सामने एक बड़ी चुनौती यह है कि इस दौरान किसी भी तरह का सांप्रदायिक तनाव पैदा न हो.

इसके लिए रैपिड एक्शन फोर्स (रैफ) की दस कंपनियां बिहार में तैनात की जा रही हैं.

हालांकि रैफ की भूमिका चुनाव में नहीं होती है लेकिन यह भयमुक्त माहौल बनाने में मददगार होगा.

साथ ही मतदान के दिन हर केंद्र पर केंद्रीय पुलिस बल के जवान तैनात किए जाएंगे.

मतदान प्रतिशत

बिहार मतदान

बिहार में अन्य राज्यों की तुलना में मतदान प्रतिशत अब भी कम है. इसे बढ़ाना भी एक चुनौती है.

अब की बार आयोग ने मतदान प्रतिशत को बढ़ाकर 70 फीसद तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.

मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए विभाग कई तरह के जागरूकता अभियान चला रहा है.

साथ ही कई तैयारियां की जा रही हैं. जैसे करीब डेढ़ करोड़ मतदाताओं को एसएमएस से चुनाव तारीख के बारे में बताया जाएगा.

मतदान से पांच दिन पहले लोगों को फोटो वोटर स्लिप मुहैया करा दी जाएगी. वोटिंग के दिन मतदान केंद्र और वहां तक पहुंचने के रास्ते के बारे में जानकरी देने के लिए एक मोबाइल एप भी डेवलप किया गया है.

अंतरराष्ट्रीय सीमा

बिहार चुनाव

नेपाल के रास्ते आने वाले जाली नोट और दूसरी अवैध चीजें बिहार में आती हैं, जो हमेशा की तरह इस बार भी एक चुनौती है.

इससे निपटने के लिए इस बार दो फैसले लिए गए हैं.

पहला यह कि नेपाल सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवानों को चुनावी कार्य में नहीं लगाया जाएगा, जिससे कि वे पूरी सतर्कता से सीमा की चौकसी कर सकें.

दूसरा यह कि बेहतर आपसी तालमेल के लिए नेपाल के उन ज़िलों के अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें की जा रही है जिनकी सीमा बिहार की सीमा के साथ लगी हुई हैं.

आदर्श आचार संहिता

फ़ाइल फोटो

आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित कराना प्रमुख चुनौतियों में से एक है.

धनबल, बाहुबल या फिर किसी अन्य तरह का लालच देकर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिशों से निर्वाचन विभाग बहुत सख्ती से पेश आएगा.

कांटे का मुकाबला

एनडीए रैली

बिहार चुनाव में मुकाबला कांटे का माना जा रहा है. चूंकि केवल एक ही राज्य में चुनाव हो रहे हैं तो इस कारण भी सबकी नजरें बिहार चुनाव पर ही टिकी हैं.

हर छोटी-बड़ी बात पर सबकी नज़रें हैं. ऐसे में यह स्थिति भी आयोग के लिए एक चुनौती है कि चुनाव निष्पक्ष और शांति पूर्वक कराये जाएं.

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