'गंगा-यमुना के जल्द साफ़ होने के आसार नहीं'

गंगा नदी
प्रकाशित

हाल में प्रतिष्ठित स्टॉकहोम वॉटर पुरस्कार हासिल करने वाले राजेंद्र सिंह अब एक नए अभियान में जुट चुके हैं.

उन्होंने शनिवार को दिल्ली में महात्मा गांधी की समाधि राजघाट से विश्व शांति जल यात्रा शुरू की है.

यह यात्रा सोमवार को मुंबई पहुंची है जहां यात्रा में शामिल लोग भाभा साइंस इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों से मुलाक़ात करेंगे.

वॉटरमैन के नाम से मशहूर राजेंद्र सिंह बता रहे हैं कि पानी के संकट और समाधानों के लिए किस तरह के क़दम की ज़रूरत है?

इस शांति यात्रा का मकसद क्या है?

गंगा

विश्व शांति जलयात्रा का उद्देश्य उन बातों पर तवज्जो देने की है कि दुनिया में पानी के लिए दुनिया में एक समाज कैसे मिलकर काम कर सकता है जिससे लोगों को जीने और पीने का स्वच्छ पानी मिले और सब लोगों का पानी पर समान अधिकार क़ायम रहे.

अब ज़रूरत इस बात की भी है कि लोगों का पानी पर अधिकार क़ायम हो. उसी तरह नदी का अधिकार और प्रकृति का जल अधिकार क़ायम करने की बात सरकार करे.

सूखा

उन्हें यह बात समझ आने लगे कि नदी का जल अधिकार और प्रकृति का जल अधिकार कायम किए बिना नदियां स्वस्थ नहीं हो सकती हैं.

अगर नदियां स्वस्थ नहीं होंगी तो समाज स्वस्थ नहीं रह सकता है.

इस विचार को ही समझाने के लिए सरकार, समाज और वैज्ञानिकों के ज़रिए दुनिया में जल साक्षरता अभियान पूरी दुनिया में शुरू करने का फ़ैसला किया गया है.

महाराष्ट्र

यह यात्रा महात्मा गांधी की समाधि से शुरू हुई है और यह नासिक में हो रहे कुंभ में जाएगी.

उसके बाद यह यात्रा कैलिफ़ॉर्निया जाएगी क्योंकि सैन फ़्रांसिस्को में यह प्रयोग सफल रहा कि पानी पर सबका समान अधिकार है.

हमारा मकसद यह भी है कि पांच सालों में दुनिया के लगभग सभी देशों में यह यात्रा जाए.

भारतीय सरकार की पहल पर विचार

सुडान का बच्चा पानी पीते हुए

गंगा और यमुना की सफ़ाई के लिए एक परियोजना बनाई गई है. पहली बार सरकार ने गंगा के लिए एक मंत्रालय बनाया है.

गंगा
इमेज कैप्शन, भारत सरकार ने गंगा नदी के लिए एक विशेष मंत्रालय बनाया है.

यक़ीनन सरकार ने गंगा पुनर्जीवन मंत्रालय बनाकर अच्छा काम किया है और इससे कुछ आशा जगती है.

लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सरकार गंगा और यमुना की सफ़ाई के लिए क्या नए क़दम उठाएगी जिससे हम यह कह सकें कि इस बार भ्रष्टाचार नहीं होगा और ईमानदारी से काम होगा.

लेकिन 4-5 साल में गंगा-यमुना पूरी साफ़ हो जाएगी ऐसा कोई परिदृश्य नज़र नहीं आ रहा है.

(बीबीसी संवाददाता वात्सल्य राय से बातचीत पर आधारित)

<bold>बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां <link type="page"><caption> क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>