आम आदमी पार्टी को क़ानूनी नोटिस

आम आदमी पार्टी का चुनाव चिह्न झाड़ू
    • Author, अतुल चंद्रा
    • पदनाम, लखनऊ से, बीबीसी हिन्दी डॉटकॉम के लिए
  • प्रकाशित

आम आदमी पार्टी का लोगो डिज़ाइन करने वाले सुनील लाल ने पार्टी को क़ानूनी नोटिस भेजा है.

सुनील लाल ने आरोप लगाया है कि उनके विरोध दर्ज़ कराने के बावजूद 'आप' ने अपनी वेबसाइट से वह लोगो नहीं हटाया है.

उनके वक़ील अविनाश चंद्र ने नोटिस में ‘आप’ को पंद्रह दिन का समय देते हुए कहा है कि निर्धारित समय के अंदर जवाब नहीं मिला तो वे मामला अदालत ले जाएंगे.

इस्तीफ़ा

सुनील लाल पहले 'आप' में थे.

आम आदमी पार्टी के मीडिया कोऑर्डिनेटर दीपक बाजपेयी ने कहा कि उन्होंने अब तक क़ानूनी नोटिस नहीं देखा है.

इसके साथ ही उन्होंने बीबीसी से कहा, "हम लोगो नहीं हटाएंगे."

सुनील लाल का कहना है कि अन्ना हज़ारे के ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ के आंदोलन की ब्रांडिंग के लिए ‘<link type="page"><caption> iacbranding.org</caption><url href="http://iacbranding.org/" platform="highweb"/></link>’ नाम से एक वेब पोर्टल शुरू किया था. उन्होंने 'आप' का लोगो इसी पर डिज़ाइन किया था.

सुनील लाल ने पार्टी से मोहभंग होने के बाद 'आप’ से इस्तीफ़ा दे दिया और पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिख कर अपना लोगो वापस मांगा.

मालिकाना हक़

'आप' को मिला क़ानूनी नोटिस

सुनील ने ख़त में लिखा था कि उनके डिज़ाइन किए लोगो का इस्तेमाल झंडों, पोस्टरों, बिल वग़ैरह पर इस्तेमाल न किया जाए.

सुनील लाल का दावा है कि लोगो उनकी बौद्धिक संपत्ति है, जिसका मालिकाना हक़ उन्होंने पार्टी को कभी भी नहीं दिया था.

पेशे से विज्ञापन डिज़ाइनर लाल का कहना है कि उन्होंने स्वेच्छा से लोगो डिज़ाइन किया था, जिसे जुलाई 2013 में पार्टी ने अपना लिया था.

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