अरुणा शानबाग, जिसे रिश्तेदार भी भूल गए

अरुणा शानबाग
    • Author, अश्विन अघोर
    • पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
  • प्रकाशित

चार दशक पहले जब मुंबई के केईएम अस्पताल में अरुणा शानबाग ने ट्रेनी नर्स के रूप में काम शुरू किया, तब वो एक ख़ुशहाल ज़िंदग़ी के सपने सँजो रही थीं.

मरीज़ों की सेवा करने का उनका बचपन का सपना पूरा हुआ था. लेकिन उनकी खुशियाँ ज़्यादा दिन तक नहीं बनी रह सकीं.

27 नवंबर 1973 को अरुणा की जिंदगी तबाह हो गई. उनकी तय शादी टूट गई, यहाँ तक कि उनके रिश्तेदारों ने भी उनसे नाता तोड़ दिया.

उनकी बाक़ी ज़िंदग़ी अस्पताल के बिस्तर तक सिमट कर रह गई. सोमवार को अरुणा ने 42 साल कोमा में बिताने के बाद दम तोड़ दिया.

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क्या हुआ था?

केईएम अस्पताल की डॉग रिसर्च लेबोरेटरी में काम करते हुए, अरुणा ने पाया कि सोहनलाल नाम का एक वार्ड बॉय कुत्तों के लिए लाए जाने वाले मटन की चोरी करता है.

वार्ड में उनकी सोहनलाल से कहासुनी हुई, जिसकी शिकायत उन्होंने अस्पताल प्रशासन से की.

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इस बात से गुस्साए सोहनलाल ने अरुणा शानबाग पर जानलेवा हमला किया.

अरुणा शानबाग
इमेज कैप्शन, अस्पताल की नर्सों ने अरुणा का अंतिम सांस तक ध्यान रखा.

कुत्ते बांधने की चेन से उन्हें गला घोंटकर मारने की कोशिश की. इस हाथापाई में अरुणा के दिमाग को ऑक्सीजन न पहुँच पाई और उनका पूरा शरीर सुन्न हो गया.

इसके बाद सोहनलाल ने उनके साथ बलात्कार करने की कोशिश भी की और उन्हें मरा हुआ समझकर भाग गया.

सोहनलाल पर हत्या के प्रयास और बलात्कार का मुक़दमा चला. बलात्कार का आरोप साबित नहीं हुआ लेकिन हत्या के प्रयास के लिए उसे सात साल की सज़ा हुई. सज़ा काटकर वो दिल्ली चला गया.

केईएम अस्पताल
इमेज कैप्शन, पिछले 42 वर्षों से केईएम की नर्सें अरुणा की सेवा कर रहीं थीं.

अकेली अरूणा

हादसे के बाद अरुणा के रिश्तेदारों ने उनसे नाता तोड़ दिया. अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि पिछले 42 सालों में उनका कोई भी रिश्तेदार न उनसे मिलने आया और न किसी ने कोई ख़बर ली.

केईएम अस्पताल की नर्सों ने पिछले चार दशक से अरुणा की जी जान से सेवा की और उनका ख़याल रखा.

उनकी इस हालत को देखकर, केईएम अस्पताल की पूर्व नर्स पिंकी वीरानी ने 2011 में उच्चतम न्यायालय में उनके लिए इच्छा मृत्यु की माँग करते हुए याचिका दायर कर दी. लेकिन ये याचिका ख़ारिज हो गई.

सोमवार सुबह भारतीय समयानुसार साढ़े आठ बजे अरुणा ने अंतिम सांस ली.

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