एक ख़ास संदेश दे रही है ऊंट सवार महिलाओं की यह टोली

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ऊंट सवार महिलाओं की एक टोली इन दिनों पंजाब के सीमावर्ती गांवों से होकर गुज़र रही है. जानें, कौन हैं ये...

ऊंट पर सवार महिलाएं
इमेज कैप्शन, ऊंट पर सवार ये महिलाएं इन दिनों पंजाब के सीमावर्ती इलाके में कौतूहल का विषय बनी हुई हैं.
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ
इमेज कैप्शन, ऊंट सवार महिलाओं का यह काफ़िला एक ख़ास मकसद से गुजरात से लेकर पंजाब तक यात्रा कर रहा है.
ऊंट काफ़िला
इमेज कैप्शन, दरअसल ये महिलाएं इंडियन एयर फ़ोर्स और बीएसएफ़ में कार्यरत हैं और सीमावर्ती गांवों में एक ख़ास संदेश फैला रही हैं.
ऊंट सवार महिला जवान
इमेज कैप्शन, वायु सेना और बीएसफ़ में कार्यरत ये महिलाएं 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का संदेश देने के लिए हज़ारों किलोमीटर की यात्रा पर निकली हैं.
खेतों से होकर जाता कारवां
इमेज कैप्शन, इन दिनों वे पंजाब में पाकिस्तान की सीमा से लगे गांवों की सड़कों से ऊंट की सवारी करते हुए गुज़र रही हैं.
लंबी यात्रा
इमेज कैप्शन, इस टोली ने गुजरात में 443 किलोमीटर और राजस्थान में 609 किलोमीटर की यात्रा की है.
गुजरात से चला ऊंटों यह कारवां पंजाब में अबोहर से दाख़िल हुआ.
इमेज कैप्शन, गुजरात से चला ऊंट सवारों का यह कारवां पंजाब में अबोहर से दाख़िल हुआ.
स्वागत
इमेज कैप्शन, यह काफ़िला जहां-जहां से होकर गुज़र रहा है, लोग स्वागत कर रहे हैं.
लोग इस कारंवा के साथ फ़ोटो भी खिंचवा रहे हैं.
इमेज कैप्शन, जगह-जगह रुककर संदेश बेटियों को पढ़ाने-लिखाने का संदेश दिया जा रहा है. लोग ऊंटों के इस कारवां के साथ फ़ोटो भी खिंचवा रहे हैं.
महिला जवान
इमेज कैप्शन, इस अभियान के तहत पंजाब में 316 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी.
वाघा बॉर्डर पर जाकर थमेगा
इमेज कैप्शन, यह कारवां 2 अक्तूबर को वाघा बॉर्डर पर जाकर थमेगा. तब तक कुल 1368 किलोमीटर की दूरी तय कर ली गई होगी.