सऊदी अरब के ये दो पत्थर एक दूसरे के बगल में ऐसे खड़े हैं मानो किसी ने बीच से काटा हो
सऊदी अरब में एक ऐसा विशाल पत्थर है, जिसे देखकर ऐसा लगता है जैसे किसी ने इसे बीच से काट दिया हो. ये है अल-नसला रॉक, जो सऊदी अरब के रेगिस्तान में हैं.
ना कोई मशीनरी. ना मॉडर्न कंस्ट्रक्शन. बस दो जाइंट रॉक. ये ना तो सीजीआई है और ना किसी फ़िल्म का सेट है. सऊदी अरब में तबूक रीजन के तैमा में मौजूद अल-नसला किसी अजूबे सा लगता है.
दो विशालकाय रॉक फॉरमेशन साइड बाइ साइड खड़े हैं और उनके बीच में एक बारीक और सीधी खिंची हुई लाइन दिखती है.
दूर से देखने पर ऐसा लग सकता है जैसे किसी ने जादुई तलवार से इस पत्थर को दो टुकड़ों में काट दिया है. लेकिन इस बात के कोई सबूत नहीं मिलते कि इस रॉक को दो टुकड़ों में इंसान ने बांटा है.
ये एक नेचुलर जियोलॉजिकल फॉरमेशन है, जो लंबे वक़्त की वजह से पत्थर पर अपना असर दिखाने की वजह से बना है.
ये रॉक क़रीब आठ मीटर ऊंचे हैं और दोनों हिस्से अपने नेचुरल रॉक बेस पर खड़े हैं, जो ग़ज़ब की बैलेंस्ड अपीयरेंस दिखाते हैं.
सदियों तक ताएमा नॉर्थ-वेस्टर्न अरबिया को पार करने वाले एनशिएंट ट्रेड रूट का अहम स्टॉपेज रहा है. इसलिए ये कोई स्ट्रेंज रॉक नहीं है, बल्कि नेचर और सिविलाइज़ेशन, दोनों के हाथों आकार लेने वाला अजूबा है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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