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फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप: अमेरिका ने रेफरी उमर अब्दुल क़ादिर को नहीं दी एंट्री, भारी विवाद
- Author, माइक पीटर
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी न्यूज़
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 4 मिनट
उमर अब्दुल क़ादिर आर्तन, सोमालिया के पहले ऐसे शख़्स हो सकते थे, जिन्हें फुटबॉल विश्व कप में रेफरी बनने का मौक़ा मिला था.
लेकिन उन्हें अमेरिका आने की अनुमति नहीं दी गई है और उनका नाम विश्व कप के लिए आ रहे अधिकारियों की सूची से हटा दिया गया है.
आर्तन अफ़्रीकी फ़ुटबॉल संघ (सीएएफ) के साल 2025 के पुरुष रेफरी हैं. उन्हें मियामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर देश में एंट्री की अनुमति नहीं मिली. फ़िलहाल वह तुर्की में हैं.
अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों ने आर्तन पर रोक का कोई कारण नहीं बताया है. लेकिन सोमालिया उन देशों में शामिल है, जहाँ के नागरिकों पर ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में एंट्री पर रोक लगा दी है.
अमेरिकी अधिकारियों से बात करने के बाद, विश्व कप फुटबॉल की गवर्निंग बॉडी फ़ीफ़ा ने कहा कि आर्तन टूर्नामेंट में भाग नहीं लेंगे.
सोमालिया के प्रधानमंत्री हसन अली ख़ैरे ने अमेरिका के इस फ़ैसले पर निराशा ज़ाहिर की है.
हसन अली ने एक्स पर लिखा है, ''मुझे यह ख़बर सुनकर गहरी निराशा हुई है कि अफ़्रीका के श्रेष्ठ रेफरी और दुनिया के बेहतरीन रेफरियों में से एक उमर आर्तन विश्व कप में मैचों का संचालन नहीं कर पाएंगे. उमर ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत, पेशेवर प्रतिबद्धता और ईमानदारी के बल पर यह मुकाम हासिल किया है. मुझे अब भी उम्मीद है कि इसका कोई समाधान निकलेगा. उमर, अफ्रीका और पूरी दुनिया आपके साथ खड़ी है.''
स्काई स्पोर्ट्स के मुताबिक़ पूरे मामले पर उमर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है.
उमर ने अपने बयान में कहा है, ''परिस्थितियां जैसी भी हों, मैं सकारात्मक हूँ और अपने रेफरी करियर की अगली चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा हूँ. मैं फ़ीफ़ा और सीएएफ का उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूँ और वादा करता हूँ कि भविष्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए मैं अपने रेफरी के स्तर को और ऊंचा बनाए रखने की कोशिश करता रहूंगा.''
फीफा विश्व कप फुटबॉल 2026 का आयोजन 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में होगा. आर्तन विश्व कप मुक़ाबले में घोषित 52 रेफरी में से एक थे.
फ़ीफ़ा के बयान में कहा गया, "फ़ीफ़ा पुष्टि कर सकता है कि मैच अधिकारी उमर अब्दुल क़ादिर आर्तन को अमेरिका में प्रवेश नहीं दिए जाने के बाद वह फ़ीफ़ा विश्व कप 2026 में भूमिका निभाने में असमर्थ होंगे."
फ़ीफ़ा ने कहा है, "हम वीज़ा निर्णय सहित मेज़बान देश की इमिग्रेशन प्रक्रियाओं में शामिल नहीं हैं और अधिकारियों ने सूचित किया है कि आर्तन को लेकर फ़िलहाल स्थिति नहीं बदली जाएगी."
"फ़ीफ़ा के पिछले टूर्नामेंट के अनुसार एक मेज़बान सरकार ही अंततः यह निर्धारित करती है कि किसे वीज़ा मिलेगा और किसे उनके देश में एंट्री मिलेगी."
सोमालिया के युवा और खेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ सलाहकार ने बीबीसी से आर्तन की एंट्री से इनकार की पुष्टि की और कहा कि आर्तन वैध दस्तावेज़ों के साथ यात्रा कर रहे थे.
नैरोबी में सोमाली दूतावास के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि आर्तन के लिए राजनयिक पासपोर्ट विशेष रूप से पहले की वीज़ा मुश्किलों के बाद उनकी यात्रा को आसान बनाने के लिए जारी किया गया था.
सोमाली फुटबॉल फेडरेशन (एसएफएफ) ने इस मामले में तत्काल स्पष्टीकरण मांगने के लिए फ़ीफ़ा से संपर्क किया है.
बीबीसी वर्ल्ड सर्विस से बात करते हुए, विश्व कप पर व्हाइट हाउस टास्क फोर्स का नेतृत्व करने वाले एंड्रयू गिउलिआनी ने कहा, "मैं इस पर कोई ऐसी जानकारी नहीं दे सकता, जो अपमानजनक हो. लेकिन मैं आपको बता सकता हूँ कि यह कस्टम और सीमा गश्ती दल का निर्णय था और मैं उस निर्णय का समर्थन करता हूँ."
सोमाली राष्ट्रीय फुटबॉल लीग चैंपियनशिप के एक अधिकारी, आर्तन 2018 में फ़ीफ़ा रेफरी बन गए और अफ़्रीका कप ऑफ नेशंस (एफकॉन) में अंपायरिंग की.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.