नेहा सिंह राठौर बोलीं- चैनल के जिस कार्यक्रम में गई थी उसी की फोटो फ़ेक न्यूज़ में इस्तेमाल हुई

नेहा सिंह राठौर
इमेज कैप्शन, लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने आरोप लगाया है कि एक निजी समाचार चैनल ने उनके बारे में फ़ेक न्यूज़ चलाई है और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की
    • Author, संदीप राय
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 5 मिनट

भोजपुरी गायिका नेहा सिंह राठौर ने एक प्राइवेट समाचार चैनल पर खुद के चरित्र हनन का आरोप लगाते हुए, सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री और केंद्रीय सूचना मंत्री समेत कई नेताओं और सांसदों को टैग करते हुए सवाल पूछे हैं.

हालांकि उस निजी समाचार चैनल ने माफ़ी मांग ली है लेकिन नेहा राठौर ने बीजेपी की मंडी से सांसद कंगना रनौत समेत कई नेताओं को एक्स पर टैग करके पूछा कि क्या ऐसी घटना पर उन्हें कुछ नहीं कहना चाहिए?

नेहा ने कंगना को संबोधित करते हुए लिखा, "कंगना जी, हालाँकि आपकी और मेरी विचारधारा में फ़र्क है, लेकिन ये फ़र्क हम दोनों के महिला होने के साझे सच को नहीं बदल सकता."

इसके बाद कंगना रनौत ने जवाब में लिखा, "किसी भी महिला को टीआरपी के लिए बेबुनियाद बदनाम करना बेहद घटिया बात है."

इस घटना को लेकर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने उस निजी समाचार चैनल और प्रधानमंत्री कार्यालय को घेरा है.

आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी एक्स पर एक पोस्ट लिख कर ग़लत ख़बर चलाने के लिए निजी चैनल की निंदा की है और इसे 'अक्षम्य' बताया.

सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है और कई यूज़र्स ने कहा है कि पत्रकारिता का मतलब सनसनी पैदा करना नहीं है.

क्या है मामला?

कंगना रनौत
इमेज कैप्शन, बीजेपी सांसद कंगना रनौत समेत कई नेताओं को नेहा राठौर ने टैग कर अपने साथ हुई घटना के बारे में सवाल किया है

दरअसल नेहा ने एक निजी समाचार चैनल पर आरोप लगाया कि उसने उनके ख़िलाफ़ अपमानजनक ख़बर चलाई और उनको बदनाम किया गया.

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हालांकि संबंधित न्यूज़ चैनल के आधिकारिक एक्स हैंडल पर बयान जारी कर 'स्पष्टीकरण और खेद' जताया है और 'माफ़ी' मांगी है.

लेकिन नेहा राठौर ने कहा कि उनकी 'गरिमा को ठेस' पहुंची है और उसकी कोई 'माफ़ी' नहीं है.

नेहा राठौर का आरोप है कि फ़ेक न्यूज़ चलाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर उनके ख़िलाफ़ अभद्र टिप्पणियों की बाढ़ आ गई है. उन्होंने पूछा, "मेरे इस मानसिक उत्पीड़न की कैसे भरपाई होगी?"

इसी एक्स पोस्ट में उन्होंने एक स्क्रीन शॉट लगाते हुए यूपी पुलिस, राष्ट्रीय महिला आयोग, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को टैग किया है.

लेकिन नेहा राठौर ने एक्स पर लिखा, "पूरी की पूरी ख़बर ही मुझे डिफ़ेम करने के लिए गढ़ी गई थी. ये सुपारी जर्नलिज़्म है जिसका उद्देश्य ही व्यक्ति का मान-मर्दन करना और आईटी सेल को सपोर्टिंग कंटेंट-स्क्रीनशॉट देना होता है. इनकी फ़र्ज़ी ख़बर के स्क्रीनशॉट हमेशा ऑनलाइन मौजूद रहेंगे और इन्हें हमेशा मेरे ख़िलाफ़ यूज़ किया जाएगा. क्या मेरे इस नुक़सान की भरपाई इनके माफ़ीनामे से हो जाएगी? मुझे माफ़ी नहीं न्याय चाहिए."

लेकिन नेहा राठौर ने कहा है कि वो क़ानूनी कार्रवाई करने का विचार कर रही हैं.

नेहा राठौर ने एक्स पर पोस्ट कर बताया था कि एक निजी समाचार चैनल ने 'फ़ेक न्यूज़' चलाई और उनका नाम एक कथित 'सेक्स रैकेट' से जोड़ा.

घटनाक्रम के बारे में नेहा राठौर ने क्या बताया

नेहा सिंह राठौर का कोट कार्ड

बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से बात करते हुए नेहा सिंह राठौर ने कहा कि शनिवार की शाम को जब यह ख़बर उन्होंने सोशल मीडिया पर देखी तो वो अवाक रह गईं.

उन्होंने बताया, "मेरे हाथ पैर सुन्न हो गए और बेतरह रोने लगी. जिस परिवेश से मैं आती हूं वहां किसी लड़की पर ये आरोप लगाना उसकी पूरी ज़िंदगी को बर्बाद कर सकता है. लेकिन मैंने हिम्मत जुटा कर इसका विरोध करने का फ़ैसला किया."

नेहा ने कहा कि उन्हें काफ़ी मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा.

उन्होंने कहा, "एक बार ख़बर चल गई तो दूर दराज़ के गांवों में जहां इंटरनेट नेटवर्क कमज़ोर है, वहां ये एक अफ़वाह बन जाएगी."

उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर 'प्रधानमंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव, राष्ट्रीय महिला आयोग और कंगना रनौत समेत बीजेपी के कई महिला सांसदों को टैग करते हुए इस बारे में सवाल पूछा लेकिन केवल कंगना रनौत का जवाब आया.'

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर नेहा राठौर ने कहा, "जिस वीडियो में मेरा पूरा नाम लिखा गया था, उसमें मेरी जो फ़ोटो लगाई गई, वो उसी कार्यक्रम की फ़ोटो है जिसमें मैं उस चैनल के एक कार्यक्रम में शामिल हुई थी. ये जान-बूझ कर किया गया है."

नेहा राठौर ने आरोप लगाया, "उस चैनल के एक अधिकारी से मेरी बात हुई लेकिन वो भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और फ़ोन काट दिया."

उन्होंने कहा, "सोशल मीडिया पर स्क्रीन शॉट के रूप में फ़ैली इस फ़ेक न्यूज़ को कहां तक रोका जा सकता है. वो तो रहेंगी हमेशा. या तो कोर्ट के मार्फ़त हटाने की कोशिश की जाए."

कोर्ट में क़ानून प्रक्रिया अपनाने को लेकर उन्होंने कहा कि वो अपने लीगल टीम के सुझाव के अनुसार अगला क़दम उठाएंगी,

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया यूज़र्स
इमेज कैप्शन, सोशल मीडिया पर कई लोगों ने नेहा सिंह राठौर का समर्थन किया है और फ़ेक न्यूज़ चलाने के लिए न्यूज़ चैनल की निंदा की है

फ़ैक्ट चेक वेबसाइट ऑल्ट न्यूज़ के मोहम्मद ज़ुबैर ने समाचार चैनल पर पोस्ट की गई ख़बर में इस्तेमाल वीडियो को दो साल पुराना बताया है.

वरिष्ठ पत्रकार सुचेता दलाल ने नेहा राठौर के साथ एकजुटता दिखाते हुए इसे जानबूझ कर निशाना बनाना बताया है.

उन्होंने एक्स पर लिखा, "क्या आपको इस प्रसारण पर पछतावा है? अगर हमारी न्यायपालिका ठीक से काम कर रही होती, तो टीम के कुछ सदस्यों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होती और चैनल को नेहा राठौर को भारी मुआवज़ा देने के लिए मजबूर होना पड़ता. यह एक मज़बूत शख़्सियत को जानबूझकर निशाना बनाने का मामला है."

एक एक्स यूज़र मुकेश ने लिखा, "जो भी लोग गलत टिप्पणी करे उस पर सख्त कार्रवाई कराएं."

एक अन्य एक्स यूज़र अरुण चतुर्वेदी ने सवाल उठाया, "ग़लत ख़बर के लिए मीडिया की जवाबदेही तय होनी चाहिए, इसमें कोई दो राय नहीं. लेकिन सवाल ये है कि सवाल दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से क्यों?"

एडवोकेट त्रिवेंद्र कुमार ने एक्स पर लिखा, "पत्रकारिता का काम सनसनी फैलाना नहीं, सच सामने लाना है. किसी की छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने से पहले तथ्यों की पुष्टि करना मीडिया की बुनियादी ज़िम्मेदारी है."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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