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हरदोई में शादी से इनकार करने पर युवक ने युवती के ब्रेस्ट को नुक़सान पहुंचाया
- Author, सैयद मोज़िज इमाम
- पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 6 मिनट
उत्तर प्रदेश के हरदोई में एक नाबालिग़ लड़की के शादी से इनकार करने पर उसके साथ मारपीट और उसके स्तन में चोट पहुंचाने का मामला सामने आया है. पुलिस ने इस मामले में 24 साल के युवक को गिरफ़्तार किया है.
ये घटना 11 मई की है. पुलिस ने एफ़आईआर में यौन हिंसा से जुड़ी गंभीर धाराएं भी जोड़ी हैं.
नाबालिग़ ने पुलिस को बताया कि वह दिल्ली में अपनी बड़ी बहन के साथ रहती है और 3 मई को चचेरी बहन के वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपने गांव आई थी. 11 मई को जब वह शादी समारोह से वापस घर लौट रही थी, उसी दौरान ये घटना हुई.
हरदोई पुलिस ने पहले मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की थी, लेकिन मामला तूल पकड़ने के बाद यौन हिंसा से जुड़ी धाराएं भी जोड़ दी गईं.
एसएचओ सतीश चंद्र के मुताबिक, इस संबंध में बीएनएस की धारा 115(2), 351(3), 352, 75 और 118(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. ये धाराएं किसी को चोट पहुंचाने, जान से मारने या गंभीर नुकसान पहुंचाने की धमकी देने, शांति भंग करने और यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों से संबंधित हैं.
यौन उत्पीड़न का मतलब किसी महिला के ख़िलाफ़ ऐसा अपराध है, जो उसे शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी नुकसान पहुंचाए.
पुलिस ने जारी बयान में ये भी बताया है कि अभियुक्त और नाबालिग लड़की की पहले से जान-पहचान थी.
नाबालिग़ का बयान
नाबालिग के मुताबिक, "मेरा पूरा परिवार घर से कुछ दूर चाचा के घर पर था. रात करीब 11 बजे मां ने कहा कि एक बार घर जाकर देख आओ, सब ठीक है या नहीं. मैं अकेले ही घर जा रही थी. रास्ते में अतुल ने मुझे पकड़ लिया."
नाबालिग ने आगे बताया, "अतुल ने मेरा मुंह दबाया और मुझे सुनसान जगह पर ले गया. वहां उसने मुझे पेड़ से बांधकर शादी का दबाव बनाया. वह जबरदस्ती बात करने और रोज़ मिलने की बात कहने लगा. मैंने जब कहा कि ऐसा नहीं हो सकता, तो उसने मेरे साथ मारपीट की."
वह बताती है, "मैंने कहा कि तू मुझे भाई लगता है, लेकिन वह नहीं माना. वह मुझे मारता-पीटता रहा. फिर उसने पूछा कि मुझसे शादी करोगी या नहीं? मैंने मना किया तो उसने मेरे स्तन में चोट पहुंचाई."
लड़की के परिवार का दावा है कि वह उन्हें घर के बाहर बेहोश हालत में मिली थी.
इसके बाद परिवार लड़की को अस्पताल लेकर गया. होश में आने के बाद उसने परिवार को अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया. इसके बाद परिवार उसे लेकर पास की पुलिस चौकी पहुंचा.
मां का आरोप है कि थाने में उनकी सुनवाई नहीं हुई. हालांकि पुलिस का दावा है कि मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को जेल भेज दिया गया था.
दूसरी तरफ अभियुक्त के चचेरे भाई ने नाम न बताने की शर्त पर बातचीत में इन आरोपों को गलत बताया और दावा किया कि दोनों के बीच पहले से जान-पहचान थी.
लड़की की मां ने मीडिया से कहा, "क्योंकि हम लोग पढ़े-लिखे नहीं हैं, इसलिए हमें नहीं मालूम कि पुलिस ने एफ़आईआर में क्या लिखा है."
पुलिस ने क्या बताया
इसके बाद मामला तूल पकड़ने पर दोबारा मेडिकल कराया गया, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमे में कुछ और धाराएं जोड़ी हैं.
हरदोई पुलिस के सर्किल ऑफिसर अजीत चौहान ने कहा, "एक युवती के साथ उसी के गांव के एक व्यक्ति ने मारपीट की थी. इस संबंध में बेनीगंज पुलिस ने तुरंत युवती का मेडिकल कराया और उसके भाई की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया था. बाद में वादी पक्ष ने बताया कि लड़की को कुछ अन्य चोटें भी हैं, जिनका ज़िक्र पहले मेडिकल में नहीं था."
इस मामले में जिन दो धाराओं को पुलिस ने बाद में जोड़ा है, उनमें बीएनएस की धारा 75 यौन उत्पीड़न से संबंधित है, जबकि धारा 118 ख़तरनाक हथियार या साधन से चोट या गंभीर चोट पहुंचाने के मामलों में लगाई जाती है.
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में इस मामले के पीछे "प्रेम प्रसंग" की बात सामने आई है.
पुलिस के मुताबिक, अभियुक्त अतुल और युवती पहले हरियाणा में रहकर मज़दूरी करते थे और पिछले तीन साल से दोनों के बीच संबंध थे.
पुलिस की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि गांव आने के बाद किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद ये घटना हुई.
पुलिस ने यह भी दावा किया कि जांच में शादी के लिए दबाव बनाने की बात अब तक तथ्यात्मक रूप से सही नहीं पाई गई है. पुलिस का कहना है कि अपहरण के आरोप भी जांच में सही नहीं पाए गए हैं. दोनों स्वेच्छा से मिल रहे थे.
'यह सुनकर दिल थर्रा जाता है'
इस मामले पर सामाजिक कार्यकर्ता और लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति रूप रेखा वर्मा का कहना है कि लोगों में डर ख़त्म हो गया है.
उन्होंने कहा, "यह सुनकर के दिल थर्रा जाता है. सोच भी नहीं सकते कि कोई लड़का ऐसा भी कर सकता है, और कितने ही केस हैं जिसमें कि आगे पता ही नहीं चलता कि हुआ क्या है".
यूनिटी लॉ कॉलेज में साइकोलॉजी में सहायक प्रोफेसर शम्सी अक़बर ने कहा , "इस तरह की घटना में किसी एक निश्चित "मानसिक बीमारी" का निष्कर्ष सीधे नहीं निकाला जा सकता है. किसी व्यक्ति का इतना हिंसक, नियंत्रणकारी और यौन आक्रामक व्यवहार कई मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारणों से जुड़ा हो सकता है."
उन्होंने कहा, "इनकार स्वीकार न कर पाना, महिला को अपनी संपत्ति समझना, जबरन रिश्ता थोपना- ये सामाजिक और व्यवहारिक समस्याएं भी होती हैं, जिससे ऐसी घटनाएं सामने आती हैं."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित