बाबर आज़म के मामले में पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों की सख़्ती पर सवाल

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- Author, रशीद शकूर
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, कराची से
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 11 मिनट
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) का कहना है कि बल्लेबाज़ बाबर आज़म चोट के कारण बांग्लादेश के ख़िलाफ़ पहले टेस्ट मैच में हिस्सा नहीं ले पाएंगे.
बोर्ड ने गुरुवार रात जारी एक बयान में कहा कि पाकिस्तानी टीम के पूर्व कप्तान को बाएं घुटने में चोट लगी है और टीम का मेडिकल पैनल अभी उनकी स्थिति का आकलन कर रहा है.
क्रिकेट बोर्ड के अनुसार, इस संबंध में अधिक जानकारी उचित समय पर उपलब्ध कराई जाएगी.
उल्लेखनीय है कि बाबर आज़म ने न केवल हाल ही में संपन्न हुए पीएसएल के 11वें संस्करण में सबसे अधिक रन बनाने का सम्मान जीता, बल्कि उनके नेतृत्व में पेशावर जाल्मी टीम ने दूसरी बार टूर्नामेंट जीतने में भी सफलता हासिल की.
बाबर आज़म ने इस टूर्नामेंट में दो शतक और तीन अर्धशतक भी बनाए.
सबसे अहम बात यह है कि काफ़ी अरसे बाद उन्होंने अपनी बल्लेबाज़ी में पुरानी झलक दिखाई है, जिसके बाद एक बार फिर उनसे बड़ी उम्मीदें की जा रही हैं.
लेकिन साथ ही यह सवाल भी पूछा जा रहा है कि उनमें यह बदलाव कैसे आया और क्या पीएसएल की यह शानदार फ़ॉर्म आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी नज़र आएगी?
फ़ॉर्म में वापसी और इसके पीछे के राज़ को लेकर सवाल सीधे बाबर आज़म से भी किया गया, जिसका उन्होंने विस्तार से जवाब दिया.
बाबर आज़म ने कहा, "मुझमें कोई फ़र्क़ नहीं आया है. मैंने बस अपने आपको और ज़्यादा अनुशासित किया है. कभी-कभी ऐसा वक़्त आता है, जब आपको लगता है कि जो आप कर रहे हैं, वह सही है, लेकिन असल में वह सही नहीं होता. तब आपको यह मानना पड़ता है कि आपको फिर से सामान्य स्थिति में लौटना होगा."
"उस दौरान काफ़ी चीज़ें चल रही थीं, जिन पर मैं अभी बात नहीं करना चाहता. मेरी कोशिश होती है कि मैं पूरी तरह खेल पर ध्यान दूं और मैच जिताऊं, क्योंकि शिकायतें बहुत होती हैं."
पहले और अब में क्या फ़र्क़

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पाकिस्तान सुपर लीग में बाबर आज़म जिस टीम पेशावर ज़ाल्मी की ओर से खेले, उसके हेड कोच वेस्टइंडीज़ के ओटिस गिब्सन और बैटिंग कोच मिस्बाह‑उल‑हक़ थे.
ओटिस गिब्सन ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "मैंने बाबर आज़म से कुछ भी डिमांड नहीं की. बस यही कहा कि अपना नेचुरल गेम खेलो. टी20 में तुमने 12,000 से ज़्यादा रन बनाए हैं. तुम्हें कंडीशंस की बेहतर समझ है, इसलिए खुलकर खेलो और खेल को एन्जॉय करो."
असल में, ओटिस गिब्सन ने बाबर आज़म पर अपनी थ्योरी थोपने के बजाय उन्हें रिलैक्स रखा और सबसे ज़रूरी बात यह कि उन्हें वह भरोसा दिया, जिसकी उस समय बाबर को ज़रूरत थी.
मिस्बाह‑उल‑हक़ इस समय पाकिस्तान क्रिकेट टीम के सेलेक्टर भी हैं.
मिस्बाह‑उल‑हक़ बीबीसी हिन्दी से बात करते हुए कहते हैं, "बाबर आज़म के कुछ तकनीकी इश्यूज़ थे और साथ ही वह मानसिक तौर पर भी डिस्टर्ब थे. जब भी आप पर प्रेशर आता है और आपके आसपास कुछ ऐसी चीज़ें होती हैं, जिससे आप डिस्टर्ब होते हैं, तो दिमाग़ में संदेह पैदा हो जाते हैं."
"बाबर के साथ कई चीज़ें एक साथ हुईं. उनकी अपनी परफ़ॉर्मेंस भी अच्छी नहीं हो रही थी, फिर टीम की परफ़ॉर्मेंस भी अच्छी नहीं थी. बाबर का बैटिंग ऑर्डर भी बदला गया. उन्होंने उम्मीदों पर पूरा उतरने की कोशिश में अपना गेम बदलने की कोशिश की, जिसकी वजह से उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा, क्योंकि वह गेंद को टाइम करके खेलने वाले बल्लेबाज़ हैं."
"लेकिन जब उन्होंने पावर इस्तेमाल करना शुरू किया, तो नाकाम होने की वजह से उनके लिए मुश्किलें पैदा हो गईं और उन पर दबाव बढ़ता चला गया और आउट ऑफ़ फ़ॉर्म रहने का यह सिलसिला लंबा भी हो गया."

मिस्बाह का कहना है, "बाबर को क्रेडिट जाता है कि उन्होंने वर्ल्ड कप के बाद ब्रेक लिया. लोगों ने भी उन्हें सलाह दी होगी और उन्होंने ख़ुद भी सोचा कि मैं जो कुछ करना चाह रहा था, वह मुझे सूट नहीं कर रहा था. इसलिए उन्होंने अपने पुराने गेम में ही ऑप्शंस तलाशे और पॉजिटिव इंटेंट के साथ अपने खेल पर काम किया. स्ट्राइक रेट बेहतर किया."
"जब वह ज़ाल्मी में आए, तो यहाँ भी ओटिस गिब्सन और हम सबने उनसे यही कहा कि आप पुराने वाले बाबर की तरह खेलिए. आपको अच्छी तरह पता है कि रन कैसे करने हैं. हमने उनके खेल को ज़्यादा नहीं बदला, बस थोड़ी‑बहुत एडजस्टमेंट की."
मिस्बाह‑उल‑हक़ को यक़ीन है कि इस पीएसएल से बाबर को जो कॉन्फिडेंस मिला है, उससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बहुत मदद मिलेगी.
उन्होंने कहा, "उन्हें अपने खेल पर पूरी तवज्जो देनी होगी और एक‑दो अच्छी पारियों से वह दोबारा पुराने रंग में लौट आएंगे."
"वह इससे पहले भी बेहतरीन प्रदर्शन दिखा चुके हैं, लेकिन साथ ही यह भी बहुत ज़रूरी है कि टीम मैनेजमेंट भी बाबर आज़म को पूरा भरोसा दे और उन्हें रिलैक्स रखे. वह जिस तरीक़े से खेलते हैं, उसी तरीक़े से खेलें, तो वह बहुत कुछ कर सकते हैं. सारी गेम भरोसे और दबाव से निकलने की है."
स्ट्राइक रेट की आलोचना

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बाबर आज़म टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज़्यादा 4596 रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं. बाबर आज़म के नाम दो और वर्ल्ड रिकॉर्ड भी हैं.
मोहम्मद रिज़वान के साथ उनकी जोड़ी टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज़्यादा 3300 रन बनाने के साथ‑साथ सबसे ज़्यादा 10 शतकीय साझेदारियां भी बना चुकी है.
सबसे अहम बात यह है कि इन दोनों की इन 10 शतकीय साझेदारियों में पाकिस्तान टीम ने सभी 10 मैच जीते हैं.
इन प्रभावशाली आंकड़ों के बावजूद बाबर आज़म की आलोचना होती रहती है. इसकी वजह उनका टी20 इंटरनेशनल में स्ट्राइक रेट है, जो 128 है. जिसके बारे में कहा जाता है कि यह स्ट्राइक रेट आधुनिक दौर की क्रिकेट से मेल नहीं खाता.
यह आलोचना उस समय और तेज़ हो गई, जब इस पर पाकिस्तान क्रिकेट टीम के व्हाइट बॉल हेड कोच माइक हेसन और सेलेक्टर आक़िब जावेद ने सवाल उठाए.
पिछले साल जब एशिया कप के लिए पाकिस्तान टीम का एलान किया गया तो उसमें से बाबर आज़म को ड्रॉप कर दिया गया.
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में माइक हेसन ने साफ़ तौर पर कहा कि बाबर आज़म से स्पिन गेंदबाज़ी के ख़िलाफ़ बल्लेबाज़ी और स्ट्राइक रेट में सुधार लाने के लिए कहा गया है.
बाबर आज़म ने हाल ही में पेशावर ज़ाल्मी के पॉडकास्ट में स्ट्राइक रेट से जुड़े सवाल के जवाब में माइक हेसन की सीधे तौर पर आलोचना से परहेज़ किया.
लेकिन यह बात ज़रूर कह दी कि हर व्यक्ति के दिमाग़ में स्ट्राइक रेट डाल दिया गया है. हर व्यक्ति एक ही ओवर में सब कुछ करना चाहता है, जबकि टी20 एक 120 गेंदों का खेल है, जिसमें आपको कैलकुलेटेड क्रिकेट खेलनी पड़ती है और परिस्थितियों के अनुसार, देखना पड़ता है.
बाबर आज़म 2018 से 2023 तक टी20 इंटरनेशनल में ओपनर के तौर पर खेलते आए थे, लेकिन 2024 में उनकी बल्लेबाज़ी क्रम को बदल दिया गया. पहले उन्हें नंबर तीन पर खिलाया गया और फिर टी20 वर्ल्ड कप में उन्हें चौथे नंबर पर खिलाया गया, जिसकी वजह से भी उनकी परफॉर्मेंस प्रभावित हुई.
यहां तक कि उस वर्ल्ड कप में उन्हें नामीबिया के ख़िलाफ़ मैच में बल्लेबाज़ी के लिए ही नहीं भेजा गया और फिर श्रीलंका के ख़िलाफ़ आख़िरी मैच में उन्हें ड्रॉप भी कर दिया गया.
ईगो या शर्मीले?

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बाबर आज़म को टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में ख़राब फ़ॉर्म और रन न बनने की वजह से जब पूर्व क्रिकेटरों की तरफ़ से आलोचना का सामना करना पड़ रहा था, उस समय इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने उन्हें टी20 से रिटायरमेंट लेने की सलाह दी थी, ताकि वे पूरी तरह टेस्ट और वनडे करियर पर ध्यान दे सकें.
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ़ ने बाबर आज़म को टी20 के लिए अनफिट क़रार दिया था.
लेकिन सबसे अहम बयान दो साल पहले दिग्गज बल्लेबाज़ ज़हीर अब्बास की तरफ़ से सामने आया था, जिसमें कहा था कि ख़राब फ़ॉर्म की वजह से बाबर आज़म को टीम से ड्रॉप कर दिया जाए.
इसके अलावा, अपने एक और इंटरव्यू में ज़हीर अब्बास ने बाबर आज़म के बारे में यह भी कहा था कि या तो उनके साथ ईगो की समस्या है या वे शर्मीले हैं, या उनमें झिझक है.
उन्होंने कहा, आउट ऑफ़ फ़ॉर्म होने के बावजूद इस मुश्किल से निकलने के लिए किसी सीनियर क्रिकेटर से मदद नहीं ले रहे, जैसा कि अतीत में यूनिस ख़ान ने अपनी तकनीक सुधारने के लिए भारत के महान बल्लेबाज़ मोहम्मद अज़हरुद्दीन से मदद ली थी.
पूर्व क्रिकेटर और भावुक प्रशंसक

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इस बात में दो राय नहीं कि बाबर आज़म इस समय पाकिस्तानी प्रशंसकों के सबसे पसंदीदा क्रिकेटर हैं, जिनकी फैन फ़ॉलोइंग बेहद ज़्यादा है.
यही वजह है कि जब भी उन पर किसी भी तरफ़ से आलोचना होती है, तो उनके प्रशंसक सोशल मीडिया पर इतने भावुक हो जाते हैं कि वे बाबर आज़म के ख़िलाफ़ कोई बात सुनने को तैयार नहीं होते और पूरी ताक़त के साथ आलोचना का जवाब देते नज़र आते हैं. हालांकि कई बार वे नैतिक सीमाएँ भी पार कर जाते हैं.
कुछ पूर्व क्रिकेटरों के बारे में भी एक शिकायत आम है कि जब वे बाबर आज़म की आलोचना करते हैं, तो ज़ुबान पर काबू में नहीं रखते और अपने टीवी शोज़ की रेटिंग के चक्कर में वे भी लाइन क्रॉस कर जाते हैं.
बाबर आज़म ने अपनी हालिया पॉडकास्ट में यही बात कही है कि वे पूर्व क्रिकेटरों का बहुत सम्मान करते हैं, उनका अनुभव निस्संदेह बहुत ज़्यादा है, लेकिन उनकी आलोचना सिर्फ़ क्रिकेट तक सीमित होनी चाहिए, न कि निजी बातों तक.
बाबर घरेलू क्रिकेट क्यों नहीं खेलते?

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आम तौर पर जब कोई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रदर्शन नहीं करता, तो वह घरेलू फ़र्स्ट‑क्लास क्रिकेट खेलकर अपनी फ़ॉर्म और आत्मविश्वास वापस लाने की कोशिश करता है.
लेकिन अगर बाबर आज़म के करियर पर नज़र डालें, तो स्थिति काफ़ी दिलचस्प नज़र आती है कि वे पिछले दो‑ढाई साल से नाकाम रहे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने घरेलू क्रिकेट नहीं खेला.
उन्होंने आख़िरी बार दिसंबर 2019 में घरेलू फ़र्स्ट‑क्लास क्रिकेट खेला था. यानी साढ़े छह साल पहले. इसके बाद उन्होंने सिर्फ़ दो फ़र्स्ट‑क्लास मैच खेले, लेकिन वे भी पाकिस्तान टीम के विदेशी दौरों पर.
जुलाई 2020 में पाकिस्तान टीम के इंग्लैंड दौरे के दौरान पीसीबी ग्रीन्स बनाम पीसीबी व्हाइट्स. फिर दिसंबर 2023 में ऑस्ट्रेलियन प्राइम मिनिस्टर इलेवन के ख़िलाफ़ कैनबरा में.
इसकी एक वजह बाबर आज़म की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बहुत ज़्यादा व्यस्तता भी हो सकती है, क्योंकि वे लगातार तीनों प्रारूपों का हिस्सा रहे हैं.
लेकिन पाकिस्तान में यह धारणा आम है कि बड़े नाम घरेलू फ़र्स्ट‑क्लास क्रिकेट को अहमियत देने के लिए तैयार नहीं होते. उनके पास विदेशी लीग खेलने के लिए तो समय होता है, लेकिन घरेलू क्रिकेट के लिए नहीं.
आउट ऑफ़ फ़ॉर्म का लंबा सिलसिला

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बाबर आज़म 2019 से 2022 के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (तीनों प्रारूपों) में सबसे ज़्यादा 7275 रन और सबसे ज़्यादा 19 शतक बनाने वाले बल्लेबाज़ थे.
वे 2023 में आईसीसी के क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर भी चुने गए थे. लेकिन इसके बाद उनके लिए मुश्किलें शुरू हो गईं और उनका प्रदर्शन ग्राफ़ नीचे जाता चला गया.
बाबर ने आख़िरी टेस्ट शतक दिसंबर 2022 में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ कराची में लगाया था. जिसके बाद से वे बिना शतक के अब तक 30 टेस्ट पारियां खेल चुके हैं. इन 30 पारियों में सिर्फ़ चार अर्धशतक बना पाए हैं.
इसी तरह उनकी आख़िरी दो वनडे इंटरनेशनल शतकों के बीच भी 33 पारियों का अंतर रहा. इससे यह समझना मुश्किल नहीं कि आउट ऑफ़ फ़ॉर्म रहने का यह सिलसिला काफ़ी लंबा रहा है.
बाबर आज़म की बल्लेबाज़ी में निराशाजनक प्रदर्शन ने उनकी कप्तानी को प्रभावित किया या फिर कप्तानी की वजह से उनकी बल्लेबाज़ी भी प्रभावित हुई. दोनों ही सूरतों में नतीजे अच्छे नहीं रहे.
2023 के विश्व कप में पाकिस्तान टीम उनकी कप्तानी में सेमीफ़ाइनल तक भी नहीं पहुंच सकी. इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान को पहली बार अफ़ग़ानिस्तान के हाथों हार का सामना भी करना पड़ा.
कप्तानी की म्यूज़िकल चेयर

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इस विश्व कप के बाद कप्तानी का म्यूज़िकल चेयर गेम शुरू हो गया.
बाबर आज़म ने तीनों प्रारूपों की कप्तानी छोड़ने का फ़ैसला किया, तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उनसे टेस्ट कप्तानी जारी रखने की पेशकश की, लेकिन बाबर ने इनकार कर दिया.
उनकी जगह शाहीन शाह अफ़रीदी को टी20 कप्तान बनाया गया, लेकिन एक ही सिरीज़ के बाद शाहीन को हटा दिया गया. मार्च 2024 में बाबर को फिर से व्हाइट‑बॉल टीम का कप्तान बना दिया गया, लेकिन छह महीने बाद ही बाबर आज़म ने दोबारा कप्तानी छोड़ने का एलान कर दिया.
इस दौरान अमेरिका और वेस्ट इंडीज़ में होने वाले टी20 विश्व कप में पाकिस्तान टीम को नाकामी का सामना करना पड़ा.
इसके बाद व्हाइट‑बॉल कप्तानी पहले मोहम्मद रिज़वान और फिर सलमान अली आगा को सौंपी गई, लेकिन पाकिस्तान टीम को अच्छे नतीजे फिर भी नहीं मिल सके.
अगर बाबर आज़म की कप्तानी का जायज़ा लिया जाए, तो उन्हें एक कामयाब कप्तान कहा जा सकता है.
उन्होंने 20 टेस्ट मैचों में 10 जीत दर्ज की हैं, 43 वनडे इंटरनेशनल मैचों में 26 में सफलता हासिल की है, जबकि 85 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 48 जीते.
अब जब उनके बल्ले से दोबारा रन निकलने लगे हैं, तो उन्हें एक बार फिर कप्तान बनाने की बातें भी शुरू हो गई हैं. लेकिन यह अभी जल्दबाज़ी होगी, क्योंकि टेस्ट कप्तानी शान मसूद के पास है. वनडे की कप्तानी ज़्यादा समय नहीं हुआ है, शाहीन शाह अफ़रीदी को सौंपी गई है, और टी20 की कमान सलमान अली आगा के हाथ में है.
ये तीनों कप्तान अब तक ज़्यादा सफल नहीं रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट के अस्थिर और अनिश्चित सिस्टम में कोई भी चीज़ निश्चित नहीं होती.
हालांकि एक्सपर्ट्स यही कहते हैं कि पिछली परेशानियों से सबक़ लेते हुए बाबर आज़म को अब सिर्फ़ अपनी बल्लेबाज़ी पर ध्यान देना चाहिए और कप्तानी के बारे में बिल्कुल नहीं सोचना चाहिए.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.


































